Demand For Air Service: 6 साल का संघर्ष,अब उड़ान की नई तैयारी
Demand For Air Service: 26 अक्टूबर को फिर गूंजेगी हवाई सेवा की मांग

बिलासपुर। बिलासपुरकी आसमान में उड़ान भरने की उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं,लेकिन लोगों का जज़्बा अब भी बरकरार है।(Demand For Air Service) हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के आंदोलन को 6 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर समिति ने एक बार फिर नई ऊर्जा और संकल्प के साथ अपनी आवाज़ बुलंद करने की तैयारी कर ली है।
बिलासा बाई मठ से नेहरू चौक तक निकलेगी पदयात्रा
छह साल पहले बिलासपुर से हवाई सुविधा की मांग को लेकर जो आंदोलन शुरू हुआ था, वह अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। 19 अक्टूबर को समिति की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 अक्टूबर को, यानी आंदोलन के 6 साल पूरे होने के दिन, बिलासा बाई के मठ जूना बिलासपुर से एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी।यह पदयात्रा कलेक्टर कार्यालय तक जाएगी, जहां समिति के सदस्य कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।इसके बाद आंदोलन को और तेज करने के लिए चकरभाठा में व्यापारियों के साथ संयुक्त रूप से अभियान चलाया जाएगा।
सम्मान और विकास की उड़ान का प्रतीक बना आंदोलन
संघर्ष समिति के सदस्य व्यापारियों के बीच पंपलेट बांटकर उन्हें इस आंदोलन से जोड़ने की अपील करेंगे। (Demand For Air Service) समिति के सदस्यो ने बताया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या सरकार से नहीं, बल्कि अपने शहर के विकास के लिए है। वे चाहते हैं कि बिलासपुर से देश के सभी प्रमुख महानगरों के लिए सीधी हवाई सुविधा शुरू हो। जब तक यह अधिकार नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।समिति के सदस्यों का कहना है कि क्षेत्र के सांसद हवाई सेवा के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन जब तक ठोस परिणाम सामने नहीं आते, तब तक आंदोलन थमने वाला नहीं है।
फिर गूंजेगी हवाई सेवा की मांग,Demand For Air Service
पिछले छह सालों से यह आंदोलन कभी धरना, कभी ज्ञापन, तो कभी प्रतीकात्मक प्रदर्शन के रूप में लगातार जारी है। (Demand For Air Service)अब देखना यह होगा कि क्या इस बार सरकार और संबंधित विभाग बिलासपुर की इस जायज़ मांगों को सुनते हैं या फिर आंदोलन का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का यह आंदोलन अब सिर्फ उड़ानों का नहीं, बल्कि सम्मान और विकास की उड़ान का प्रतीक बन गया है। 26 अक्टूबर को होने वाली पदयात्रा इस संघर्ष की नई उड़ान होगी देखना होगा कि इस बार आसमान तक पहुंचने की यह कोशिश कितनी कामयाब होती है।





