Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

अलग नगर निगम की मांग: अरपा पार के लिए आर-पार की लड़ाई,नागरिक सुरक्षा मंच ने फिर उठाई अलग नगर निगम की मांग…

उपेक्षा के खिलाफ बुलंद आवाज, 30 साल पुरानी मांग और नेताओं के वादों पर टिकी सरकंडा की उम्मीदें

बिलासपुर के अरपा पार क्षेत्र के निवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। (अलग नगर निगम की मांग) नागरिक सुरक्षा मंच ने अरपा पार और सरकंडा को पृथक नगर निगम का दर्जा दिलाने की अपनी तीन दशक पुरानी मांग को फिर से हवा दे दी है। मंच के अमित तिवारी और गौरव तिवारी ने न केवल प्रशासनिक अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए हैं, बल्कि चुनावी वादों के पूरा न होने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। आखिर क्यों बिलासपुर की आधी आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है और क्यों जनता अब इस आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर है?

30 साल पुरानी मांग और नेताओं के वादों पर टिकी सरकंडा की उम्मीदें (अलग नगर निगम की मांग)

नागरिक सुरक्षा मंच के अमित तिवारी ने अरपा पार को पृथक नगर निगम बनाने की अपनी 30 साल पुरानी मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि लंबे समय से जारी आंदोलनों और प्रदर्शनों के बावजूद प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अमित तिवारी के अनुसार, 2023 के चुनावों के दौरान स्थानीय विधायक ने अपने घोषणा पत्र में अरपा पार को अलग नगर निगम बनाने का स्पष्ट वादा किया था, लेकिन तीन साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसे उन्होंने क्षेत्र की जनता के साथ सीधा धोखा करार दिया है…..

वहीँ, नागरिक सुरक्षा मंच के गौरव तिवारी ने सरकंडा क्षेत्र की बदहाली और उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पिछले 15 वर्षों में सरकंडा का तीव्र शहरीकरण हुआ है और यहाँ शहर की आधी से अधिक आबादी बसती है, इसके बावजूद यहाँ शिक्षा और मनोरंजन के नाम पर शून्य स्थिति है। तिवारी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में न तो कोई मानक सरकारी स्कूल है और न ही कोई सुव्यवस्थित गार्डन। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि बिलासपुर को ‘स्मार्ट सिटी’ का तमगा तो मिला, लेकिन इस तेजी से बढ़ते सरकंडा क्षेत्र को उस योजना से जानबूझकर बाहर रखा गया, जो स्थानीय निवासियों के साथ भेदभाव है….

आर्थिक भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए गौरव तिवारी ने कहा कि सरकंडा क्षेत्र से जो भारी-भरकम संपत्ति कर वसूला जाता है, उसका अधिकांश हिस्सा बिलासपुर शहर के अन्य वार्डों के विकास में खर्च कर दिया जाता है, जबकि सरकंडा के अपने विकास कार्य फाइलों में दबे रहते हैं।

अब नागरिक सुरक्षा मंच ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। मंच के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो इस आंदोलन को और अधिक बड़ा रूप दियें जाने की बात कही गई.. इस दौरान अमित तिवारी, गौरव तिवारी, वीरेंद्र मिश्रा, श्याम मोहन दुबे, कमल साहू, शेखर यादव,रमेश कुमार,दिनेश पांडे,राजेंद्र वर्मा बल्लू यादव दिलीप पाटिल मोंटू वर्मा, राजकुमार यादव,शिवी खान, दिनेश पांडे लंकेश्वरी, सही सैंकड़ो की संख्या मे लोग मौजूद रहे…..

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई