Water Crisis: सुशासन तिहार के दावों पर सवाल, बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे रहवासी…
1300 करोड़ के बजट के बाद भी पानी को तरसे लोग,इमलीभाठा में हाहाकार...

एक तरफ सरकार सुशासन तिहार के जरिए जनता की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे कर रही है, (Water Crisis) तो दूसरी तरफ बिलासपुर शहर के लोग आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हैं। नगर निगम का बजट 1300 करोड़ रुपए से अधिक होने के बावजूद इमलीभाटा क्षेत्र के रहवासी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।बिलासपुर के इमलीभाटा इलाके में इन दिनों पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है।
1300 करोड़ के बजट के बाद भी पानी को तरसे लोग,इमलीभाठा में हाहाकार (Water Crisis)
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधियों, नगर निगम और प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। यहां तक कि सुशासन तिहार में भी लोगों ने पानी की समस्या उठाई, लेकिन अब तक न तो कोई स्थायी व्यवस्था की गई और न ही एक भी पानी का टैंकर भेजा गया।रहवासियों का कहना है कि मोहल्ले के अधिकांश बोर और हैंडपंप सूख चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को आधा से एक किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ रहा है।
रोज मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए यह परेशानी और भी बढ़ गई है।लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और प्यासे लोगों को राहत कब मिलती है।





