Rice Scam: बिलासपुर के अमरनाथ राइस मिल से 11,443 बोरियां गायब

प्रशासन ने जड़ा ताला, बिजली मीटर से खुलेगी पोल

बिलासपुर में कस्टम मिलिंग के नाम पर सरकारी धान की अफरा-तफरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। (Rice Scam) सिरगिट्टी स्थित ‘अमरनाथ राइस मिल’ में प्रशासन की औचक जांच ने बड़े फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है। यहाँ रिकॉर्ड और गोदाम के मिलान में एक-दो नहीं, बल्कि 11 हजार 443 धान की बोरियां गायब मिली हैं। इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना सीधे तौर पर इसे खुले बाजार में बेचने की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन ने मिल को सील कर एफआईआर के आदेश दे दिए हैं।

गोदाम से 11 हजार से ज्यादा बोरियां गायब, प्रशासन ने मिल को किया सील

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने जब शनिवार को अमरनाथ राइस मिल में दबिश दी, तो वहां हड़कंप मच गया। मिल परिसर में धान की बोरियों को इतनी चालाकी और बेतरतीब ढंग से रखा गया था कि भौतिक सत्यापन और गिनती करने में टीम को पूरे दो दिन लग गए।जांच में सामने आया कि मिल संचालक द्वारा स्टॉक रजिस्टर और जरूरी दस्तावेज अपडेट ही नहीं किए गए थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। जब सरकारी उठाव के आंकड़ों और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया गया, तो 11 हजार 443 बोरियों की भारी कमी पाई गई। आशंका जताई जा रही है कि यह सरकारी धान अवैध रूप से खपा दिया गया है।

फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन, स्टॉक रजिस्टर में गोलमाल, (Rice Scam)

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से राइस मिल को सील कर दिया है और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब इस घोटाले की तह तक जाने के लिए ‘फोरेंसिक ऑडिट’ के तर्ज पर जांच करेगा।
मिल में वास्तव में कितनी मिलिंग हुई और कितना धान सिर्फ कागजों में घुमाया गया, इसका सच जानने के लिए अब मिल की बिजली खपत की जांच की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से जिले के अन्य राइस मिलर्स में भी खलबली मची हुई है।

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