रायपुर: रमेश बैस को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग पर सियासी घमासान, दीपक बैज के पत्र पर रमन सिंह का पलटवार

रायपुर (जसेरि)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। इसी बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल मच गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग की है।
दीपक बैज ने पत्र में लिखा कि छत्तीसगढ़ ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में बीजेपी को भारी समर्थन दिया है। वर्ष 2000 से अब तक प्रदेश ने औसतन 10 सीटें भाजपा को दी हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य को केंद्र में सिर्फ राज्यमंत्री स्तर का प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होंने कहा कि रमेश बैस जैसे अनुभवी नेता, जो 7 बार सांसद रह चुके हैं और कई राज्यों के राज्यपाल के रूप में सेवा दे चुके हैं, उपराष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं।
हालांकि भाजपा की ओर से अब तक छत्तीसगढ़ से किसी नाम की आधिकारिक अनुशंसा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी पिछड़ा वर्ग (OBC) के किसी नेता को यह मौका दे सकती है और रमेश बैस इस वर्ग से आते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी रमेश बैस के नाम का विरोध नहीं करेगी।
इस बीच दीपक बैज के पत्र पर विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “दीपक बैज पहले अपनी पार्टी को संभालें। उनकी पार्टी की हालत खुद खराब है। जिनका शुभचिंतक दीपक बैज हो, उनका बंटाधार तय है।”
ओबीसी नेताओं के साथ राहुल गांधी की हालिया बैठक पर भी रमन सिंह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी 25 साल से राजनीति में हैं, लेकिन उन्हें अब तक देश की राजनीति की समझ नहीं है। महलों में रहने वाले लोग गरीबों की पीड़ा नहीं समझ सकते।”
भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी रमन सिंह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “देखिए, प्रदेश की हालत क्या हो गई है। कितने लोग जेल में हैं, कितने बेल पर हैं। पीएससी सिस्टम पूरी तरह करप्ट हो गया है।”
फिलहाल उपराष्ट्रपति पद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और रमेश बैस का नाम केंद्र की राजनीति में चर्चा में है। अब देखना होगा कि क्या छत्तीसगढ़ को पहली बार इतने ऊंचे पद पर प्रतिनिधित्व मिल पाता है या नहीं।





