राष्ट्रीय राजमार्ग अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट से OBCL को राहत, सीमांकन तक कार्रवाई पर रोक

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कथित अतिक्रमण मामले में ओबीसीएल (पूर्व में उड़ीसा बंगाल करियर प्राइवेट लिमिटेड) को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा है कि संबंधित जमीन का विधिवत सीमांकन किए बिना किसी भी तरह की दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कंपनी की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित करीब 18,725 वर्गफुट जमीन वर्ष 2009 में वैधानिक रूप से आवंटित की गई थी। इसके बाद साल 2020 में 99 वर्षों की लीज डीड भी निष्पादित की गई थी। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 2 मई 2026 को कथित अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया।
याचिका में कंपनी ने कहा कि बिना किसी अधिकृत सीमांकन के अतिक्रमण का आरोप लगाना नियमों के खिलाफ है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंदु किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने निर्देश दिया कि संबंधित जमीन का सीमांकन कानून के अनुसार और सभी पक्षों की मौजूदगी में किया जाए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि सीमांकन पूरा होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम आदेश जारी किए जाने तक 2 मई 2026 का नोटिस प्रभावी नहीं रहेगा। साथ ही अदालत ने सीमांकन की पूरी प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।





