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Strike Continues Or Ends: धान खरीदी में बड़ा भ्रम कलेक्टर बोले- हड़ताल खत्म, संघ ने कहा-अभी जारी…

Strike Continues Or Ends: सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर उलझन-कौन सच, कौन गलत..?

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन इसी बीच एक बड़ी उलझन खड़ी हो गई है।(Strike Continues Or Ends) 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को लेकर आज पूरे प्रदेश में भ्रम की स्थिति बनी रही। कई जगह समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में खबरें चलीं कि कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं… लेकिन असली तस्वीर कुछ और है।

प्रशासन बनाम कर्मचारी संघ-धान खरीदी पर खड़ा हुआ बड़ा विवाद….(Strike Continues Or Ends)

कल कलेक्टर संजय अग्रवाल और क्षेत्र के विधायक ने अपने आवास में समिति के सदस्यों को चर्चा के लिए बुलाया था। इस मुलाकात के बाद यह खबरें तेजी से फैलने लगीं कि कर्मचारी हड़ताल समाप्त कर चुके हैं और आज से धान खरीदी केंद्रों में अपनी ड्यूटी करने जा रहे हैं।जब इस बारे में कलेक्टर संजय अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने भी यही कहा कि सभी कर्मचारी हड़ताल छोड़कर वापस आ गए हैं और आज से धान खरीदी केंद्रों में काम शुरू कर दिया है।

हड़ताल जारी या खत्म? छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर बड़ा सवाल….

लेकिन कहानी का दूसरा पक्ष इससे बिल्कुल उलट है।जब हमारी टीम ने सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से बात की, तो उन्होंने कलेक्टर के बयान को पूरी तरह गलत बताया। संघ के नेताओं ने कहा कि “यह सब भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। हम अभी भी हड़ताल पर हैं और हमारी मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे।उनका कहना है कि अब तक न तो किसी मांग पर ठोस निर्णय लिया गया और न ही कोई आदेश जारी हुआ है। ऐसे में हड़ताल खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

धान खरीदी संकट गहराया अधिकारी बोले सब सामान्य,संघ ने किया खंडन….

अब बड़ी चिंता किसानों को लेकर है। धान खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन कर्मचारी हड़ताल पर हैं या नहीं—इस पर प्रशासन और संघ के बयानों के कारण स्थिति उलझ गई है। किसानों को डर है कि अगर कर्मचारी वापस नहीं आए तो खरीदी की प्रक्रिया बाधित हो सकती है और उन्हें अपने धान को लेकर इधर-उधर भटकना पड़ सकता है।अब सवाल ये है।सरकार अपने अधिकारियों, निजी कंपनी और सीमित स्टाफ के भरोसे खरीदी को सुचारु चलाएगी या फिर कर्मचारी संघ की मांगें मानी जाएंगी? अगले 24 घंटे धान खरीदी व्यवस्था के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।

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