रेलवे सिस्टम फेल: रेलवे की व्ययवस्था पर उठे सवाल,तारबाहर अंडरब्रिज में फिर मवेशियों का जमावड़ा, काऊ कैचर पर उठे सवाल
45 दिन बंद रखकर बनाई व्यवस्था, फिर भी अंडरब्रिज में बेखौफ घुस रहे मवेशी

बिलासपुर के तारबाहर अंडरब्रिज में (रेलवे सिस्टम फेल) मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए रेलवे ने करीब 45 दिनों तक रास्ता बंद रखकर काऊ कैचर सिस्टम तैयार किया था, लेकिन अब यही व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अंडरब्रिज के भीतर एक बार फिर बड़ी संख्या में मवेशी नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाखों की मेहनत और 45 दिनों की परेशानी के बाद तैयार की गई व्यवस्था आखिर मवेशियों को रोकने में क्यों नाकाम साबित हो रही है.
काऊ कैचर पर उठे सवाल (रेलवे सिस्टम फेल)
तारबाहर अंडरब्रिज बिलासपुर के व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए रेलवे ने अंडरब्रिज को करीब 45 दिनों तक बंद रखा और काऊ कैचर सिस्टम तैयार किया था। उस दौरान लोगों को वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही करनी पड़ी थी और उम्मीद थी कि व्यवस्था तैयार होने के बाद अंडरब्रिज में मवेशियों की एंट्री पूरी तरह बंद हो जाएगी। लेकिन मौजूदा तस्वीरें कुछ और ही कहानी बता रही हैं। अंडरब्रिज के भीतर फिर मवेशियों का जमावड़ा नजर आ रहा है।
रेलवे की व्ययवस्था पर उठे सवाल
सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है, खासकर रात और बारिश के दौरान अचानक सामने आने वाले मवेशी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सवाल सीधा है कि जब मवेशियों को रोकने के लिए काऊ कैचर लगाया गया है तो फिर वे अंदर तक कैसे पहुंच रहे हैं? क्या व्यवस्था में कोई खामी है या फिर नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं हो रहा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ निर्माण कर देने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि व्यवस्था की लगातार निगरानी भी जरूरी है। लोगों ने रेलवे से मौके का निरीक्षण कर काऊ कैचर की खामियां दूर करने और मवेशियों की एंट्री पूरी तरह रोकने की मांग की है। क्योंकि 45 दिन तक रास्ता बंद रखने के बाद तैयार की गई व्यवस्था अगर दोबारा बेअसर नजर आने लगे, तो उसकी निगरानी और रखरखाव पर सवाल उठना लाजिमी है.





