प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें: व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें, 38 हजार 100 रुपए मानदेय समेत 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा
1029 प्रशिक्षकों के लंबित मानदेय से लेकर 121 अनुभवी प्रशिक्षकों के मानदेय तक, संघ ने रखीं कई मांगें

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रशिक्षकों ने (प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें) अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी को 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए प्रशिक्षकों के मानदेय, सेवा सुरक्षा, अवकाश और भुगतान व्यवस्था में सुधार की मांग की है। संघ का कहना है कि वर्ष 2014 से सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित हो रही है, लेकिन लंबे समय से प्रशिक्षकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
1029 प्रशिक्षकों के लंबित मानदेय से लेकर 121 अनुभवी प्रशिक्षकों के मानदेय तक (प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें)
संघ की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में सबसे प्रमुख मांग व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मानदेय को लेकर है। संघ ने हरियाणा और दिल्ली राज्यों की तर्ज पर व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 38 हजार 100 रुपए प्रतिमाह सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की है। इसके साथ ही मानदेय में प्रत्येक वर्ष नियमित वृद्धि यानी इंक्रीमेंट का प्रावधान लागू करने, तीसरी पार्टी और कंपनी आधारित व्यवस्था को समाप्त करते हुए प्रशिक्षकों को विभागीय व्यवस्था में शामिल करने तथा सेवा सुरक्षा देने की मांग रखी गई है। संघ ने PAB 2025-26 में स्वीकृत एक हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय वृद्धि की राशि का लाभ दिलाने और संबंधित प्रशिक्षकों को 12 हजार रुपए एरियर्स का भुगतान करने की भी मांग की है…
अपनी मांगो में लंबित मानदेय का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। संघ ने 1,029 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लंबित मई और जून माह के मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा नई निविदा में शामिल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर पूर्व से कार्यरत 1,029 प्रशिक्षकों को यथावत रखने, हेड कैप्ट डेढ़ के 121 अनुभवी व्यावसायिक प्रशिक्षकों का मानदेय 23 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित करने और लक्ष्य कंपनी द्वारा निकाले गए चार प्रशिक्षकों को पुनः सेवा में बहाल करने की मांग रखी गई है। संघ ने ई-डिस्ट्रिक्ट पेमेंट और अन्य कटौतियों से जुड़े भुगतान का पूरा हिसाब देने तथा प्रशिक्षण के दौरान की गई 25 प्रतिशत कटौती की राशि वापस करने की मांग भी की है….
व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने सेवा से जुड़ी सुविधाओं और कार्य व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी है। मांगपत्र में उन 478 स्कूलों में, जहां तीन वर्ष से व्यावसायिक शिक्षा संचालित है, प्रशिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना में नियमितता और अनुभवी प्रशिक्षकों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
प्रशिक्षकों को प्रत्येक वर्ष 20 दिन आकस्मिक अवकाश, महिला प्रशिक्षकों को मातृत्व अवकाश तथा व्यवस्थित अवकाश नीति का लाभ देने की मांग है। इसके साथ ही समय पर हर महीने मानदेय भुगतान, अनावश्यक कार्यों में प्रशिक्षकों को नहीं लगाने, ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ देने और प्रशिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। संघ ने कहा है कि व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षकों की समस्याओं का समाधान और उनकी सेवा व्यवस्था में स्थिरता बेहद जरूरी है.





