बिलासपुर में ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने जागरूक नागरिकों ने दिए सुझाव

बिलासपुर। न्यायधानी की ट्रैफिक व्यवस्था दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। शहर में आए दिन जाम, अव्यवस्थित वाहन पार्किंग और लापरवाह वाहन चालकों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं दिख रहे। इसी बीच शहर के जागरूक नागरिकों ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं।

नागरिकों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों—गोलबाजार, शनिचरी और बृहस्पति बाजार में चार और तीन पहिया वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और वहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो। वहीं, नेहरू चौक पर ऑटो और बस चालकों द्वारा मनमाने तरीके से सवारी चढ़ाने-उतारने पर सख्त कार्रवाई हो। नियम तोड़ने वालों के परमिट और लाइसेंस रद्द किए जाएं और ड्रेस कोड के साथ किराया सूची अनिवार्य की जाए।

नागरिकों ने सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेज और ऑफिस समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी हो। साथ ही ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाकर भारी वाहनों में रेडियम पट्टी और इंडिकेटर दुरुस्त करवाए।

शहर की व्यवस्था सुधारने के लिए “ट्रैफिक मितान” बनाए जाएं, जिन्हें प्रशिक्षण देकर चौक-चौराहों पर तैनात किया जाए। पार्किंग व्यवस्था के लिए मल्टी लेवल पार्किंग को निशुल्क किया जाए और नो पार्किंग में गाड़ियों पर सख्त जुर्माना लगे।

लोगों ने बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों को तुरंत दुरुस्त करने, बाइक पेट्रोलिंग शुरू करने और यातायात सहायता केंद्र फिर से चालू करने की मांग भी रखी। इसके अलावा सड़क हादसों में बड़ी वजह बने आवारा मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट बांधने और उनके मालिकों की पहचान साफ-साफ लिखने का सुझाव भी दिया गया है।

शहरवासियों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल हो तो बिलासपुर की ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था सुधर सकती है और लोगों को राहत मिलेगी।

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