किसान संघ ज्ञापन: धान का भाव 3358 रुपए करने की मांग, भारतीय किसान संघ ने सरकार को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन
किसानों की 1700 करोड़ की लंबित राशि से लेकर खाद-टोकन व्यवस्था तक, सरकार के सामने रखीं कई मांगें

छत्तीसगढ़ में किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है… (किसान संघ ज्ञापन) संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर धान की खरीदी 3358 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग की है… साथ ही 2022-23 की लंबित 1700 करोड़ रुपए की राशि किसानों को तत्काल देने की मांग भी की गई है… किसान संघ ने धान खरीदी की तारीख, टोकन व्यवस्था, बाढ़ से फसल नुकसान, सिंचाई परियोजनाओं, खाद की कालाबाजारी और गौ संरक्षण समेत 12 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं…
सरकार के सामने रखीं कई मांगें (किसान संघ ज्ञापन)
भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसान और गौवंश प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का अहम आधार हैं, लेकिन लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे हैं… संघ ने धान का भाव 3358 रुपए प्रति क्विंटल करने के साथ 2022-23 की लंबित 1700 करोड़ रुपए की राशि किसानों को देने की मांग की है… धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक कराने और प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने का स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग भी की गई है… बाढ़ से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे और उचित मुआवजा देने, वहीं टोकन व्यवस्था में बदलाव कर बड़े, लघु और सीमांत किसानों को अलग-अलग संख्या में टोकन देने का प्रस्ताव रखा गया है…
भारतीय किसान संघ ने सरकार को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन
किसान संघ ने गन्ने के दाम में 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी, गन्ना किसानों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने और अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की है… खाद की कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण में उचित प्रक्रिया और विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक की मांग भी शामिल है… इसके अलावा रबी सीजन में मक्का और गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी, गौवंदन योजना लागू करने और गौ संरक्षण को योजनाओं से जोड़ने की मांग की गई है… अब देखना होगा कि किसान संघ की इन मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है और किसानों को राहत कब तक मिलती है…





