जाली दस्तखत: रिटायर्ड प्राचार्य के जाली दस्तखत से 5 शिक्षकों के ट्रांसफर की साजिश

पुराने दस्तावेजों से हस्ताक्षर लेकर बनाई फर्जी शिकायतें, तारबाहर पुलिस ने दर्ज किया केस...

बिलासपुर के उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।(जाली दस्तखत) किसी अज्ञात व्यक्ति ने संस्थान की पूर्व प्राचार्य मीता मुखर्जी के जाली हस्ताक्षर और संस्था की आधिकारिक मुहर का इस्तेमाल कर पांच शिक्षकों के तबादले का कथित प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर भेज दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व प्राचार्य ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की, जिसके बाद तारबाहर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

रिटायर्ड प्राचार्य के फर्जी हस्ताक्षर और संस्था की मुहर लगाकर शासन को भेजा तबादला प्रस्ताव (जाली दस्तखत)

शिकायत के मुताबिक, मीता मुखर्जी के कार्यकाल के दौरान पांच शिक्षकों के तबादले को लेकर ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया था। इसके बावजूद उनके नाम और जाली हस्ताक्षर से तैयार दस्तावेज स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और शिक्षा संचालनालय तक भेज दिया गया। दस्तावेज में संस्था की मुहर के साथ कथित तौर पर फर्जी आवक-जावक क्रमांक का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि प्रस्ताव को वास्तविक दिखाया जा सके। पुलिस की जांच में दस्तावेज और हस्ताक्षरों को लेकर प्रारंभिक स्तर पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है….

जांच में यह भी सामने आया कि प्रशिक्षणार्थियों के नाम से दो कथित फर्जी शिकायतें तैयार की गई थीं। इन शिकायतों में उन छात्र-छात्राओं के पुराने हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, जिन्होंने पहले महिला कॉमन रूम का दरवाजा बदलवाने के लिए आवेदन दिया था। संबंधित प्रशिक्षणार्थियों ने भी तारबाहर थाने में शिकायत की है। पुलिस ने पूर्व प्राचार्य मीता मुखर्जी समेत सोहित कुमार पटेल, अमर कुमार मलिक, माया दत्ता और कार्यालय कर्मी सुखनंदन लाल साहू के बयान दर्ज किए हैं। अब पुलिस दस्तावेज तैयार करने वाले और इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे शामिल व्यक्ति की पहचान में जुटी है….

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