CBI-SIT जांच मांग: ACB समूह की कोल वाशरियों और पावर प्लांट्स में महाघोटाले की आशंका, भारतीय जनाधिकार पार्टी ने की 1999 से CBI-SIT जांच की मांग
दीपका में तेज बारिश के बीच 6 घंटे का धरना-प्रदर्शन,

कोरबा जिले के दीपका में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ (CBI-SIT जांच मांग) एक बड़ा और मुखर आंदोलन देखने को मिला है। लगातार हो रही तेज बारिश के बीच भारतीय जनाधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रभावित ग्रामीणों ने छह घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने एसीबी (ACB) समूह की कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं और कोयला परिवहन में वर्ष 1999 से लेकर अब तक गंभीर तकनीकी, पर्यावरणीय और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई है। आंदोलन के बाद कार्यपालन दंडाधिकारी एवं तहसीलदार दीपका के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के नाम एक बड़ा ज्ञापन सौंपा गया है…..
तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन (CBI-SIT जांच मांग)
सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस अनुशासित आंदोलन में खराब मौसम और भारी बारिश भी कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं डिगा सकी, जहां सभी ने छाता लेकर विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने मांग की है कि दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चकाबुड़ा, रतीजा, रेंकी, बिंझरी और अन्य संबद्ध कोल वाशरियों व पावर प्लांट्स में हुए कामकाज की व्यापक जांच हो। यह मामला किसी एक इकाई का नहीं बल्कि पूरी कोयला-ईंधन-पर्यावरण व्यवस्था का है, इसलिए पार्टी ने सीबीआई (CBI) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) और राज्य सरकार की बहु-विभागीय टीम से वर्ष 1999 से अब तक की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है……
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने खदान से वाशरी, रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों तक परिवहन किए गए एक-एक टन कच्चे एवं रिजेक्ट कोयले का स्वतंत्र वैज्ञानिक मिलान करने की मांग उठाई है। आशंका जताई गई है कि रिजेक्ट कोयले की आड़ में मूल्यवान कोयले का हेरफेर तो नहीं हुआ। इसके साथ ही तौल कांटा सर्वर, जीपीएस (GPS), फास्टैग, आरएफआईडी (RFID) और सीसीटीवी रिकॉर्ड्स को सील कर डिजिटल फोरेंसिक परीक्षण की मांग की गई है। इसके अलावा, JSW Energy और MCCPL के बीच हुए लगभग 1,410 करोड़ रुपये के अधिग्रहण और परिसंपत्तियों की उच्चस्तरीय फोरेंसिक जांच कराकर जवाबदेही तय करने की बात भी प्रमुखता से रखी गई है…
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का महाघोटाला है और जनता के स्वास्थ्य, पर्यावरण व राष्ट्रीय संपदा की लूट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि यदि न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में आगामी 11 सितंबर को बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय (CMD कार्यालय) का महाघेराव करने तथा 2 अक्टूबर को दीपका-गेवरा क्षेत्र में इंसानियत सभा आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे……..





