Sharp Blow: सुशासन तिहार केवल ढोंग और दिखावा– राजेंद्र शुक्ला,बिलासपुर के गोढ़ी में बुनियादी मुद्दों को लेकर भारी विवाद
बिलासपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और वरिष्ठ नेता राजेंद्र शुक्ला का सरकार पर तीखा हमला

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रमों को लेकर बिलासपुर के ग्राम गोढ़ी में भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। (Sharp Blow) जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला ने इस पूरे आयोजन को जमीनी हकीकत से दूर महज एक राजनीतिक ढोंग और दिखावा करार दिया है।
बिलासपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और वरिष्ठ नेता राजेंद्र शुक्ला का सरकार पर तीखा हमला (Sharp Blow)
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इन शिविरों के मंचों से आम जनता द्वारा पेयजल की किल्लत, बिजली की अव्यवस्था और खेती के लिए खाद-बीज की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन इन मूलभूत समस्याओं को सुलझाने के बजाय अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। विवाद तब और बढ़ गया जब जनता के हक की बात रखने पर कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने कथित तौर पर दादागिरी और गुंडागर्दी शुरू कर दी, जिसके विरोध में कांग्रेस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस दिखावे के कार्यक्रम का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया……
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला ने ‘सुशासन तिहार’ की पोल खोलते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का जिला पंचायत क्षेत्र होने के कारण वे लगातार कई कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, जहाँ अधिकारी धरातल पर काम करने के बजाय सिर्फ अपना प्रतिवेदन पढ़ देते हैं कि कितने आवेदन आए और कितने लंबित हैं।
अधिकारी यह कभी नहीं बताते कि किस गांव में नया बोर खनन हुआ या कहाँ नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही का जिक्र करते हुए बताया कि समय पर ट्रांसफार्मर न बदले जाने से किसानों की उड़द की फसल सूख गई और जब मुआवजे का सवाल उठा, तो कृषि विभाग के पास कोई जवाब नहीं था।
जनता बिजली-पानी के लिए त्रस्त, अधिकारी सिर्फ कागजों में व्यस्त (Sharp Blow)
शुक्ला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सुशासन तो रोज होना चाहिए क्योंकि बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता का रोज का अधिकार हैं। उन्होंने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के कड़ार से सेमवार की बदहाल सड़क, महतारी वंदन योजना में केवाईसी के नाम पर हो रही कटौती और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि खाद, बीज और पानी के मुद्दों पर कोई ठोस बात न होने के कारण उन्होंने जनता के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया…..
इसी कड़ी में मीडिया से चर्चा के दौरान बिलासपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने भी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में सुशासन नाम की कोई चीज कहीं दिखाई नहीं दे रही है और आम आदमी बिजली कटौती, महंगे डीजल तथा बढ़ती महंगाई से बुरी तरह त्रस्त है। महेंद्र गंगोत्री ने दोटूक शब्दों में नसीहत दी कि सुशासन का असली मतलब सरकार द्वारा केवल अपना बखान करना नहीं, बल्कि जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस के साथी इन शिविरों में पहुंचकर खाद और बिजली की किल्लत जैसी जायज समस्याओं पर बात रखते हैं, तो भाजपा के नेता समाधान ढूंढने के बजाय उल्टा गुस्सा हो जाते हैं और फिजूल के राजनीतिक वाद-विवाद पर उतर आते हैं। गंगोत्री ने याद दिलाया कि चूंकि तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री सब उन्हीं के हैं, इसलिए शासन-प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे लोगों को राहत पहुंचाएं।
उन्होंने साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही जनता के हितों की वकालत करती आई है और आने वाले समय में भी जिले में जहां कहीं भी ऐसे दिखावे के कार्यक्रम होंगे, वहां कांग्रेस के कार्यकर्ता जाकर पुरजोर विरोध-प्रदर्शन करेंगे और आम जनता की हर जायज मांग को प्रमुखता से उठाएंगे….


