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छात्र नेता से मुख्यमंत्री तक: ऐसा रहा डीके शिवकुमार का सियासी सफर…

डीके शिवकुमार लंबे समय से जिस पल का इंतजार कर रहे थे, वह आखिरकार पूरा हो गया। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके का यह मुकाम चार दशक लंबे राजनीतिक संघर्ष का नतीजा है।

डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। महज 18 साल की उम्र में वे कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े। साल 1981 से 1983 के बीच वे बेंगलुरु में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष रहे। पढ़ाई के दौरान ही वे युवा कांग्रेस में सक्रिय हुए और बाद में कर्नाटक युवा कांग्रेस के महासचिव बने।

23 साल की उम्र में उन्होंने सथानूर सीट से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। उस समय उनका मुकाबला बड़े नेता एचडी देवेगौड़ा से था। हालांकि वे चुनाव हार गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने उन्हें राजनीति में पहचान दिलाई।

साल 1987 में डीके शिवकुमार ने जिला पंचायत चुनाव जीतकर पहली बड़ी सफलता हासिल की। इसके बाद 1989 में वे पहली बार विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सथानूर सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया।

1990 के दशक में डीके शिवकुमार तेजी से कर्नाटक की राजनीति में उभरे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण चुनाव जीते और सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। एक समय ऐसा भी आया जब कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया, लेकिन उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की।

डीके शिवकुमार ने सथानूर और बाद में कनकपुरा सीट से लगातार कई चुनाव जीते। पार्टी के भीतर वे एक मजबूत रणनीतिकार और भरोसेमंद नेता के रूप में उभरे। चुनावी रणनीति तैयार करने से लेकर संकट के समय विधायकों को एकजुट रखने तक की बड़ी जिम्मेदारियां उन्हें सौंपी जाती रहीं।

साल 2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने में उनकी अहम भूमिका रही। इसी दौरान उनके ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी हुई। बाद में 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार भी किया और उन्हें जेल जाना पड़ा।

जेल से बाहर आने के बाद साल 2020 में डीके शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।

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