कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बीच सिद्धारमैया की शर्तों पर चर्चा तेज

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ कर दिया है। इस्तीफे के बाद अब राज्य कांग्रेस में बड़े बदलाव और सिद्धारमैया के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें राज्यसभा सीट की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि उनकी रुचि राष्ट्रीय राजनीति में नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे राज्य की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं और विधायक के रूप में जनता की सेवा जारी रखेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के आग्रह पर सिद्धारमैया इस्तीफा देने को तैयार हुए, लेकिन उन्होंने अपनी कुछ शर्तें भी पार्टी नेतृत्व के सामने रखीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने करीबी मंत्रियों को सरकार में बनाए रखने और उनके विभागों में बदलाव नहीं करने की मांग की है।
इसके अलावा उन्होंने अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चा की है। खबर है कि पार्टी नेतृत्व उनके बेटे को कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया चाहते हैं कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद उनके समर्थक को मिले। साथ ही यदि नए मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद दिए जाते हैं तो उनकी राय को भी महत्व दिया जाए।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी और राज्यसभा सीट का विकल्प भी दिया है, ताकि दक्षिण भारत में उन्हें ओबीसी चेहरे के रूप में आगे किया जा सके। हालांकि फिलहाल वे दिल्ली की राजनीति में जाने के इच्छुक नहीं दिख रहे हैं।
अब इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद कर्नाटक कांग्रेस के नए सत्ता समीकरण और सिद्धारमैया की आगे की भूमिका पर अंतिम फैसला होगा।





