मरणासन्न पशु: जैतपुरी गौधाम में गोवंश की मौत का आरोप, गौसेवकों ने उठाए सवाल
क्षमता से ज्यादा गोवंश रखने का आरोप, मरणासन्न पशु बिलासपुर शिफ्ट

बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र स्थित जैतपुरी गौधाम में गोवंश की लगातार मौत के आरोप ने (मरणासन्न पशु) व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौसेवकों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा शहर से पकड़े जा रहे गोवंश को गौधाम में क्षमता से अधिक संख्या में रखा जा रहा है, जिसके चलते कई पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। कीचड़ में फंसे और मरणासन्न गोवंश को उपचार के लिए बिलासपुर के गौ सेवा धाम शिफ्ट किया गया है। मामले को लेकर गौसेवकों ने जांच के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है.
गौसेवकों ने उठाए सवाल (मरणासन्न पशु)
जैतपुरी गौधाम में गोवंश की स्थिति को लेकर गौसेवकों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि गौधाम में क्षमता के मुकाबले अधिक गोवंश पहुंचाए जा रहे हैं, लेकिन उनके रखरखाव और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आ रही। गौधाम में कई गोवंश कीचड़ में फंसे दिखाई दिए, जबकि कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। मरणासन्न गोवंश को तत्काल उपचार के लिए बिलासपुर गौ सेवा धाम ले जाया गया। गौसेवकों का कहना है कि अगर समय पर उपचार और देखभाल की व्यवस्था होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है.
मरणासन्न पशु बिलासपुर शिफ्ट
घटना के बाद पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली और गौधाम में नियमित पशु चिकित्सा जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गौसेवकों का आरोप है कि गौधाम में अधिकारियों का नियमित निरीक्षण और पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी पर्याप्त तरीके से नहीं हो रही है। उन्होंने जैतपुरी गौधाम में गोवंश की मौत के कारणों की जांच, बीमार और घायल पशुओं के तत्काल उपचार तथा क्षमता के अनुसार ही गोवंश रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पशुपालन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की मांग भी की गई है…..






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