प्रेस वार्ता: कांग्रेस का बीजेपी पर बड़ा हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग
विकास उपाध्याय का आरोप– 'चंदे और चढ़ावे की चोरी में शामिल लोग प्रधानमंत्री के संरक्षण में

राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर (प्रेस वार्ता) छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रायपुर के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि जब ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था, तो अब पूरे मामले की जवाबदेही भी उन्हीं की होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच, फोरेंसिक ऑडिट और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग(प्रेस वार्ता)
प्रेसवार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं, लेकिन चंदे और चढ़ावे को लेकर सामने आए मामलों ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे और सामने आए तथ्य इस बात का प्रमाण हैं कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है।
उन्होंने कहा, “यदि ट्रस्ट में सब कुछ सही था, तो इस्तीफों की नौबत क्यों आई?” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है, जबकि शीर्ष स्तर के जिम्मेदार लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उपाध्याय ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने वाली बीजेपी अब जवाबदेही से भाग रही है और इस भ्रष्टाचार में शामिल लोग प्रधानमंत्री के संरक्षण में पल रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की तुलना निर्वाचन के दौरान 40 घंटे का वीडियो डिलीट होने वाली घटना से करते हुए कहा कि राम मंदिर मामले में भी ठीक वैसा ही सबूत मिटाने का खेल चल रहा है, जो घोटाले की पुष्टि करता है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह किसी दल का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। पार्टी ने राम मंदिर के चंदे, भूमि खरीद और निर्माण कार्यों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरी सच्चाई सामने आएगी





