प्रिंसिपल ने मंत्र लिखे बैच और बेल्ट को बदला, पूजा और उपवास से भी रोका तो भड़की छात्राओं ने की कार्रवाई की मांग..

छुईखदान। छत्‍तीसगढ़ के छुईखदान के नगर स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मुनि वत्सल स्वामी के मंत्र “तमसो मा ज्योतिर्गमय” को नए आई कार्ड, बैच और बेल्ट से हटाने के बाद विवाद शुरू हो गया है। प्राचार्य ने छात्राओं से 100-100 रुपये लेकर एक कन्या की प्रतीकात्मक फोटो वाला नया कार्ड व बैच बनवाया। इसके लिए प्राचार्य ने विभागीय अधिकारियों से किसी तरह की अनुमति भी नहीं ली है। इसे हिंदुओं की भावनाओं से जोड़ते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और छात्राओं ने प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग की है।

अभाविप के जिला संयोजक जीत प्रजापति, नगर सह मंत्री नितिन कंडरा व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गुलशन भगत व छात्राओं ने प्राचार्य पर आरोप लगाते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है। सरस्वती पूजन के दौरान जूता पहनने का दबाव डाला जाता है। छात्राओं का आरोप है कि बैच और बेल्ट के नए प्रतीक चिन्ह बनवाए हैं, जिसके लिए छात्राओं से 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। विरोध करते हैं तो प्राचार्य द्वारा टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) देने की धमकी दी जाती है।

अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान

छात्राओं ने पहले भी वस्तुस्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे संज्ञान में नहीं लिया। छात्राओं ने अभाविप के साथ मिलकर मामले की शिकायत एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी से की। छात्राओं ने प्राचार्य को निलंबित करने की मांग की है।
इधर, अभाविप ने कहा कि यदि प्राचार्य पर कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदर्शन किया जाएगा। छात्राओं के विरोध के बाद एसडीएम, छात्राओं का बयान लेने भी पहुंची थी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी रमेंद्र डड़सेना कहा कहना है कि बैच-बिल्ला बदलने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। छात्राएं शुल्क के रूप में 100 रुपये मांगने का विरोध कर रही थी।
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