कमजोर पड़ा ‘मोन्था’ तूफान, छत्तीसगढ़ में लो-प्रेशर सिस्टम से कुछ जिलों में बारिश, ट्रेनें 29 घंटे तक लेट

रायपुर: चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ अब कमजोर होकर लो-प्रेशर सिस्टम में बदल गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में और कमजोर हो जाएगा। हालांकि अब तूफान जैसी स्थिति नहीं रहेगी, लेकिन कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों में बेमौसम बारिश दर्ज की गई। बचेेली में 60 मिमी तक पानी गिरा, जबकि दुर्ग का अधिकतम तापमान 28.2°C और पेंड्रा का न्यूनतम तापमान 19.8°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी संभाग के लिए अलर्ट जारी नहीं किया है।
‘मोन्था’ के असर से रेलवे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डायवर्ट रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी 29 घंटे तक पहुंच गई है और देरी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। केरल, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को इसका खासा असर झेलना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के कारण बस्तर, सुकमा, बीजापुर और कांकेर जैसे जिलों में ग्रामीण इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से “बड़को नाला पुलिया” धंस गई, जिससे लिंगोंपथ-मर्दापाल-नारायणपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई वाहन पुल से नहीं गुजर रहा था।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अक्टूबर में अब तक औसत से 59% ज्यादा बारिश हो चुकी है। 1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 56.2 मिमी होती है।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में जारी बारिश और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिन किसानों की फसल की कटाई हो चुकी है, उन्हें अनाज सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि नमी और सड़न से बचाव किया जा सके।
राज्य में फिलहाल मौसम सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।





