Uproar over reservation: निकाय और पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर सरगर्मी तेज, कांग्रेस ने OBC वर्ग को किनारा करने का लगाया आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार पर ओबीसी वर्ग के आरक्षण में कटौती का गंभीर आरोप लगा है। कांग्रेस नेता दीपक बैज का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण के प्रावधानों में किए गए बदलाव से ओबीसी वर्ग के अधिकारों पर डाका डाला गया है।
इस फैसले से कई जिलों में ओबीसी उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय चुनावों के आरक्षण नियमों में दुर्भावनापूर्ण बदलाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस नेता दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के 16 जिला पंचायतों और 85 जनपद पंचायतों में पहले 25 प्रतिशत सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित होती थीं, लेकिन अब अनुसूचित क्षेत्रों में यह आरक्षण लगभग खत्म हो गया है।
मैदानी इलाकों में भी जहां 90-99% आबादी ओबीसी की है, वहां सरपंच और पंचों के लिए आरक्षित पद समाप्त कर दिए गए हैं। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर जैसे संभागों में, जहां ओबीसी वर्ग की बड़ी आबादी है, उनके लिए एक भी महत्वपूर्ण पद आरक्षित नहीं रखा गया है।बिलासपुर जिले में 17 जिला पंचायत क्षेत्रों में केवल एक सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि ओबीसी पुरुषों के लिए कोई भी सीट नहीं है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की ओबीसी विरोधी नीति बताया है।





