पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर सख्ती: अब बोतल और ड्रम में नहीं मिलेगा ईंधन, सरकार ने जारी किए नए नियम

राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब प्रदेश के किसी भी पेट्रोल पंप से ड्रम, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। ईंधन केवल वाहनों की टंकी में ही भरा जाएगा। शासन ने आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नए नियमों के तहत सख्ती
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि ड्रम, बोतल या जेरीकेन में ईंधन बेचना अनाधिकृत विक्रय माना जाएगा। ऐसे मामलों में मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल प्रदाय एवं वितरण विनियमन आदेश 2005 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी रोकने और अवैध बिक्री पर नियंत्रण के लिए उठाया गया है। सभी तेल कंपनियों और समानांतर विपणनकर्ता कंपनियों के रिटेल आउटलेट पर यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
किसानों और जरूरी सेवाओं को राहत
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कृषि कार्यों के लिए डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रखी है। रबी फसल कटाई और खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए किसानों को छूट दी जाएगी। इसके अलावा रेलवे, सड़क निर्माण, भवन निर्माण और जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हित अन्य शासकीय कार्यों को भी इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
अस्पताल, मोबाइल टॉवर और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के लिए भी विशेष अनुमति के आधार पर ड्रम या जेरीकेन में ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
एसडीएम की अनुमति के बाद मिलेगी छूट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में ईंधन लेने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना होगा। जांच और अनुमति मिलने के बाद ही पेट्रोल पंप संचालक सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ईंधन दे सकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि अघोषित रूप से ईंधन संग्रह करने और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद अब पेट्रोल पंपों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।





