कछुआ प्रकरण में मुख्य आरोपी अब भी फरार, रतनपुर बंद रहा

रतनपुर: नवरात्रि से पहले महामाया कुंड में 29 कछुओं की संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में रविवार को रतनपुर शहर पूरी तरह बंद रहा। रतनपुर न्याय मंच के आह्वान पर व्यापारियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली बंद का समर्थन किया।

शहर में पसरा सन्नाटा, जनता का फूटा आक्रोश
सुबह से ही न्याय मंच के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए और व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। लोगों ने स्वेच्छा से दुकानों के शटर गिरा दिए। हाई स्कूल चौक, भीम चौक, महामाया चौक, पुराना बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। ठेले-खोमचे से लेकर बड़े-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे।

अब तक केवल दो गिरफ्तारी, जनता में नाराज़गी
घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक केवल दो मछुआरों की गिरफ्तारी ही हो सकी है। मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। रतनपुर न्याय मंच ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंच की मांग है कि सभी दोषियों की गिरफ्तारी की जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए।

प्रभावशाली हस्तियों का समर्थन
इस आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं का भी समर्थन मिला है।
कन्हैया यादव (पूर्व उपाध्यक्ष, नगर पालिका रतनपुर), लव कुश कश्यप (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद रतनपुर), और अन्ना महाराज (संस्थापक, मंगला गौरी मंदिर) ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

“यह सिर्फ कछुओं की मौत का मामला नहीं है, ये रतनपुर की आस्था और पर्यावरण सुरक्षा का सवाल है। अगर प्रशासन समय पर कदम नहीं उठाता, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।” कन्हैया यादव, पूर्व उपाध्यक्ष, नगर पालिका रतनपुर

जारी रहेगा संघर्ष, न्याय मंच की चेतावनी
रतनपुर न्याय मंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। मंच ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो यह विरोध और उग्र रूप ले सकता है।

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