छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र में पेश होगा धर्मांतरण संशोधन विधेयक, कड़े नियम और सजा का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होकर 17 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में प्रमुख चर्चा का विषय धर्मांतरण संशोधन विधेयक होगा। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस सत्र में इस विधेयक को पेश करने की पुष्टि की है।

विधेयक के ड्राफ्ट के अनुसार, अब किसी व्यक्ति द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में जाना आसान नहीं होगा। धर्म परिवर्तन केवल निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के पालन के बाद ही वैध माना जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार धार्मिक स्वतंत्रता कानून भी बना रही है। नियमों का उल्लंघन करने या जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान होगा।

गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए उन्होंने 52 बैठकों में कमेटी के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया। इसका उद्देश्य राज्य में धर्मांतरण से जुड़े विवादों को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों जैसे बस्तर, जशपुर और रायगढ़ में बड़े पैमाने पर आदिवासियों का धर्मांतरण ईसाई धर्म में कराया जा रहा है। नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में यह संघर्ष कभी-कभी गुटीय झगड़ों में बदल जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की प्रक्रिया को वैधानिक मान्यता देने वाला कोई स्पष्ट नियम नहीं है। लोग प्रलोभन या प्रभाव में आकर धर्म बदल लेते हैं और उसे वैध मान लिया जाता है। प्रस्तावित विधेयक इसे नियंत्रित करेगा और किसी भी जबरन धर्म परिवर्तन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था करेगा।

गृह विभाग ने अन्य राज्यों के धर्मांतरण कानूनों का अध्ययन किया है ताकि छत्तीसगढ़ में भी मजबूत और स्पष्ट नियम बनाए जा सकें। इस विधेयक का उद्देश्य आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना और धार्मिक विवादों को रोकना है।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 727 चर्च हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे चर्चों को मिलाकर यह संख्या 900 के पार है। इनमें पहला चर्च 1868 में विश्रामपुर में बनाया गया था और जशपुर के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोमन कैथोलिक कैथेड्रल चर्च स्थित है।

यह विधेयक राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ-साथ अनुचित धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने से आदिवासी और अन्य समुदायों के बीच विवाद कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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