सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIR में लगे अधिकारियों की सुरक्षा बिना अनुमति नहीं हटेगी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से जुड़े SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मामले में अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया में लगे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा बिना उसकी अनुमति के नहीं हटाई जाएगी।

कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे इन अधिकारियों को राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जरिए सुरक्षा देना जारी रखें।

सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि देश में जन्मे हर व्यक्ति को वोटर लिस्ट में शामिल होने और वोट देने का अधिकार है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि वोट देना केवल संवैधानिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और देशभक्ति से जुड़ा अधिकार भी है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। पहले अपीलीय ट्रिब्यूनल में दाखिल लाखों मामलों पर निर्णय होने दिया जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि अगर किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में वोटर हटाए गए और जीत का अंतर बहुत कम रहा, तो ऐसे मामलों की विशेष समीक्षा की जा सकती है।

इस बीच, कोर्ट ने यह भी कहा कि यह राज्य और चुनाव आयोग के बीच विवाद का मामला नहीं, बल्कि आम मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए सभी संस्थाओं को मिलकर काम करना चाहिए।

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