एलएलबी रिजल्ट पर छात्रों का हंगामा, हिंदी में जवाब लिखने वालों को फेल करने का आरोप

दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर के खराब रिजल्ट को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि लीगल लैंग्वेज विषय में बिना पूर्व सूचना नियम बदलकर हिंदी में जवाब लिखने वाले छात्रों को फेल कर दिया गया।
रिजल्ट में बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित
विश्वविद्यालय द्वारा जारी रिजल्ट में 417 छात्रों में से केवल 101 छात्र ही पास हो सके हैं। वहीं 230 छात्रों को पूरक परीक्षा की स्थिति में रखा गया है, जबकि 77 छात्र पूरी तरह अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। छात्रों का कहना है कि खराब परिणाम की मुख्य वजह लीगल लैंग्वेज विषय का मूल्यांकन है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कुलपति और कुलसचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पहले इसी विषय में हिंदी में जवाब लिखने पर अंक दिए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार केवल अंग्रेजी में लिखे उत्तरों का ही मूल्यांकन किया गया, जिससे हिंदी माध्यम के अधिकांश छात्र प्रभावित हुए।
विश्वविद्यालय ने बार काउंसिल नियमों का दिया हवाला
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बार काउंसिल के नियमों के अनुसार लीगल लैंग्वेज विषय में अंग्रेजी में उत्तर लिखना अनिवार्य था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने बताया कि उसी नियम के तहत परीक्षा और मूल्यांकन किया गया है।
हालांकि छात्रों का आरोप है कि यदि परीक्षा पद्धति में बदलाव किया गया था तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि कॉलेज स्तर पर भी हिंदी और अंग्रेजी माध्यम को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए थे, जिसके कारण छात्रों ने पुराने तरीके से हिंदी में उत्तर लिखे।
पुनर्मूल्यांकन और दोबारा जांच की मांग
छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। अब खराब रिजल्ट के बाद छात्र इसे फिर लागू करने की मांग कर रहे हैं।
धनरसायन सिंह गुरुल महाविद्यालय के छात्रों ने भी परिणाम पर नाराजगी जताई है। छात्रों के अनुसार 56 में से 50 छात्रों को अंग्रेजी विषय में पूरक परीक्षा की स्थिति का सामना करना पड़ा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।





