सूखा पड़ा सिंघरी का अमृत सरोवर, ग्रामीणों में चिंता

सिंघरी। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अमृत सरोवर योजना के तहत सिंघरी गांव में बनाए गए तालाब की हालत बेहद खराब हो गई है। ठंड के मौसम में ही तालाब पूरी तरह सूख चुका है, जिससे गांव के लोग परेशान और चिंतित नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022 में मनरेगा योजना के तहत तालाब का गहरीकरण कराया गया था, लेकिन काम में लापरवाही और अनियमितता बरती गई। आरोप है कि तालाब को ठीक से गहरा करने के बजाय उसकी मिट्टी और जगह तक कम कर दी गई, जिससे पानी ठहरने की क्षमता बढ़ने के बजाय घट गई। यही वजह है कि आज अमृत सरोवर नाम का यह तालाब पानी के बिना खाली पड़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब ठंड में ही तालाब सूख गया है, तो आने वाली गर्मी में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इससे न सिर्फ पशु-पक्षियों को, बल्कि ग्रामीणों को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

गांव में नल-जल योजना के तहत सड़कों की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाई गई और पानी की टंकी भी बनाई गई, लेकिन अब तक नलों में पानी नहीं पहुंच पाया है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को योजना का कोई लाभ नहीं मिल सका है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अमृत सरोवर और नल-जल योजना के कार्यों की जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो और गांव में जल्द स्थायी जल व्यवस्था की जाए।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सिंघरी के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का असली लाभ मिलेगा या फिर अमृत सरोवर सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

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