दुर्ग में स्कूल और लग्जरी बसों में नहीं थे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पुलिस की जांच में खुली पोल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्कूली और लग्जरी बसों की जांच के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। यातायात पुलिस ने पूरे जिले में 8 नवंबर को एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें बसों की सुरक्षा, दस्तावेज़ और तकनीकी मानकों की जांच की गई। इस दौरान ज्यादातर बसों में न तो इमरजेंसी गेट मिले और न ही फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद थे।

अलग-अलग टीमों ने शहर के प्रमुख मार्गों, स्कूल परिसरों और बस स्टैंडों पर जांच की। पुलिस ने पाया कि कई बसों में फिटनेस सर्टिफिकेट और वैध परमिट अधूरे थे, जबकि कुछ में ओवरलोडिंग और अनधिकृत सवारियों को भी ले जाया जा रहा था। कई ड्राइवरों ने यूनिफॉर्म नहीं पहनी थी और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी जरूरी सुरक्षा सामग्री बसों में नहीं थी।

जांच के दौरान पुलिस ने कुल 35 बसों के चालान काटे और लगभग 90,000 रुपये जुर्माना वसूला। जिन वाहनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। पुलिस ने बस ड्राइवरों को सख्त चेतावनी दी कि आगे से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अभियान के दौरान स्कूली बसों में भी सुरक्षा मानकों का पालन न करने के कई मामले मिले। कई बसों में महिला केयरटेकर मौजूद नहीं थीं और बच्चों की निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस पर पुलिस ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करें और हर बस में महिला केयरटेकर की नियुक्ति करें।

ट्रैफिक डीएसपी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगली जांच में जिन बसों में सुधार नहीं मिलेगा, उनके परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस जांच अभियान ने जिले में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त मानक तय किए जाएं और हर स्कूल को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराया जाए।

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