सलमा की नई ज़िंदगी: सरकारी योजनाओं से गरीब मजदूर महिला को मिला पक्का घर और सम्मान

रायपुर।छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की रहने वाली सलमा रैनी की ज़िंदगी अब पूरे गांव के लिए मिसाल बन गई है। कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने वाली सलमा आज अपने पक्के घर में खुशी और आत्मसम्मान के साथ रह रही हैं। यह सब मुमकिन हुआ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की वजह से।
सलमा सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक के हॉस्पिटल कॉलोनी में रहती हैं। उनका परिवार बेहद गरीब मजदूर वर्ग से है और वे तलाकशुदा हैं। पहले उनका घर टूटी-फूटी खपरैल की छत वाला था, जिसमें बारिश, ठंड और गर्मी में उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें नया पक्का घर मिला है। सलमा का नाम आर्थिक और सामाजिक जनगणना 2011 के आधार पर इस योजना की सूची में था। साल 2024–25 में उन्हें घर बनाने की मंजूरी मिली और अब उनका नया घर बनकर तैयार है।
सरकार की अन्य योजनाओं का भी सलमा को लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन से उनके घर में शौचालय बन गया, आयुष्मान भारत योजना से उनका स्वास्थ्य बीमा कार्ड बन गया, जिससे गंभीर बीमारी में मुफ्त इलाज मिल सकेगा। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने उन्हें 1000 रुपये की सहायता मिल रही है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ते दामों पर अनाज भी मिलता है।
सलमा कहती हैं, “अब मुझे मौसम से डर नहीं लगता। मेरा अपना घर है, जो मजबूत और सुरक्षित है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और सरकार का दिल से धन्यवाद करती हूं।”
गांव के लोग भी सलमा के नए घर को देखकर खुश हैं और सरकार के प्रति उनका भरोसा और बढ़ गया है। सलमा की कहानी बताती है कि अगर सही मदद मिले, तो कोई भी अपनी ज़िंदगी बदल सकता है।





