प्रधानमंत्री की मौजूदगी में रायपुर में बनेगा सुरक्षा और माओवाद–रोधी रणनीति का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय DGP–IG कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए रायपुर पहुंच चुके हैं। यह सम्मेलन नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय विकसित भारत और सुरक्षा के आयाम हैं।
सम्मेलन के तहत देश के सर्वोत्तम पुलिस थानों को सम्मानित किया गया। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शीर्ष तीन पुलिस थानों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस वर्ष दिल्ली के गाजीपुर थाना को प्रथम स्थान मिला, जबकि अंडमान के पहरगांव थाना ने दूसरा और कर्नाटक के कवितला थाना ने तीसरा स्थान हासिल किया। विभिन्न श्रेणियों के आकलन के लिए कुल 70 पुलिस थानों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया था, जिनमें से शीर्ष 10 का चयन किया गया।
चयन प्रक्रिया में 70 अलग-अलग मानकों के आधार पर अंक दिए गए थे। इनमें थाने के भीतर और बाहर नागरिकों से व्यवहार, स्वच्छता व्यवस्था, मामलों का त्वरित निपटारा, लंबित अपराधों की स्थिति और जनता से संवाद जैसे प्रमुख पैमाने शामिल थे। गाजीपुर थाना प्रभारी यू. बाला शंकरन ने बताया कि सभी मापदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उनके थाने को देश में सर्वोच्च स्थान मिला।
बैठक में सुरक्षा से जुड़े जटिल मुद्दों पर अब तक की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य देश के सामने मौजूद पुलिस चुनौतियों से निपटने के लिए एक दूरदर्शी और ठोस सुरक्षा रोडमैप तैयार करना है। बैठक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालातों के साथ-साथ माओवाद के खात्मे के लिए प्रभावी रणनीति पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन के कुल आठ सत्रों में से पहले दिन दो सत्र संपन्न हुए हैं। दूसरे दिन शनिवार को चार और तीसरे दिन रविवार को दो सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 नवंबर को होने वाले छह सत्रों में भाग लेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह सभी आठ सत्रों में उपस्थित रहेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी और वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व की भागीदारी से सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण के लिए नए और प्रभावी समाधान सामने आएंगे। यह सम्मेलन देश की सुरक्षा व्यवस्था और माओवादी गतिविधियों के अंत की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।





