रेलवे की जमीन पर बनी सड़क, नगर निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल

बिलासपुर: नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। बिलासपुर शहर के वार्ड नंबर 2, सकरी में एक नई सीसी सड़क का निर्माण किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह सड़क किसी आम सरकारी जमीन पर नहीं, बल्कि रेलवे की जमीन पर बनाई गई है। अब इस बात की जांच हो रही है कि आखिर यह सड़क किसने और किन लोगों के फायदे के लिए बनवाई है।
बिना अनुमति के बनाई गई सड़क
सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम ने बिना किसी अनुमति के रेलवे की जमीन पर यह सड़क बना दी है। यह सड़क आसमा सिटी की सीमा समाप्त होने के बाद शुरू होती है, और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन रेलवे की है, जिसे कच्ची रेल लाइन के रूप में दर्ज किया गया है। पटवारी रिकॉर्ड्स, चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, सभी में इस भूमि का स्वामित्व रेलवे के पास ही बताया गया है।
इस मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि इस इलाके में कुछ रसूखदार लोगों और राजपत्रित अधिकारियों के रिश्तेदारों की जमीनें हैं। सवाल यह है कि क्या यह सड़क आम जनता की सुविधा के लिए बनाई गई है, या फिर कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से रेलवे की भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है?
नगर निगम के नियमों की अनदेखी
नगर निगम के नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य के लिए जमीन का स्वामित्व स्पष्ट होना चाहिए और संबंधित विभाग से अनुमति ली जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में रेलवे से कोई अनुमति नहीं ली गई। यह साफ दिखाता है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर, नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया गया है।
रेलवे करेगा जांच
रेलवे अधिकारियों ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है। अगर साबित होता है कि यह सड़क बिना अनुमति के बनाई गई है, तो यह पूरी तरह अवैध है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला केवल सकरी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। बिलासपुर शहर के कई इलाकों में ऐसी जमीनें हैं जो दस्तावेजों में अभी भी रेलवे के नाम पर दर्ज हैं। ऐसे में अगर निगम इसी तरह निर्माण करता रहा तो यह उसके लिए भारी पड़ सकता है।
यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन चुका है और देखना होगा कि आखिरकार कौन लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं और क्या कार्रवाई की जाती है।





