NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़े खुलासे, महाराष्ट्र में CBI की कार्रवाई तेज

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र कनेक्शन लगातार गहराता जा रहा है। सीबीआई जांच में नागपुर मॉड्यूल, कोचिंग नेटवर्क और करोड़ों रुपये के कथित रैकेट से जुड़े कई बड़े खुलासे सामने आए हैं।
सीबीआई ने शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के बाद अब डॉक्टर मनोज शिरुरे को पुणे से हिरासत में लिया है। उन पर लीक प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप है। इससे पहले सीबीआई ने लातूर स्थित उनके अस्पताल में कई घंटे पूछताछ की थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक नागपुर का संदिग्ध आलोक इस पूरे नेटवर्क का अहम चेहरा बनकर सामने आया है। आरोप है कि उसने टेलीग्राम पर “गुरु” नाम से ग्रुप बनाकर छात्रों तक लीक पेपर पहुंचाया। सीबीआई को शक है कि नागपुर, चंद्रपुर, नांदेड़ और छत्रपति संभाजीनगर के कई संपन्न परिवारों के छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार, 10-10 छात्रों के समूह बनाकर प्रश्नपत्र की PDF भेजी जाती थी और इसके बदले 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क से करीब एक हजार छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया हो सकता है।
सीबीआई ने नागपुर और चंद्रपुर में कई छात्रों के घरों पर छापेमारी भी की है। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र पुणे से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान तक पहुंचाया गया था।
मामले में सबसे बड़ा नाम शिवराज मोटेगांवकर का सामने आया है, जिन्होंने 2024 में NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन किया था। अब उन्हीं पर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक उनके मोबाइल से कथित लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ है।
मोटेगांवकर के बेटे और पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं लातूर और नांदेड़ के कुछ डॉक्टरों से भी पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियों को शक है कि ये लोग नेटवर्क में मदद कर रहे थे।
इस बीच RCC क्लासेस पर कार्रवाई तेज हो गई है। पुणे में कोचिंग संस्थान के कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है, जबकि कुछ परिसरों को सील कर दिया गया है। लातूर में RCC क्लासेस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और छात्रों व अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है।





