नोवा प्लांट से 13 मजदूर निकाले गए, सुरक्षा की मांग पर भड़का आंदोलन

बिलासपुर।बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत दगौरी स्थित नोवा प्लांट से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां काम के दौरान सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाने पर 13 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया, जिससे मजदूरों में भारी नाराजगी है। मामला अब सड़क से लेकर प्रशासन तक पहुंच गया है।

जानकारी के अनुसार, नोवा प्लांट प्रबंधन ने इन कर्मचारियों पर तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप लगाते हुए उन्हें काम से निकाल दिया। वहीं, निकाले गए कर्मचारी इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने किसी तरह की तोड़फोड़ या झगड़ा नहीं किया, बल्कि सिर्फ सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग रखी थी।

इस मामले को लेकर आज छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नोवा प्लांट के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

मजदूरों का कहना है कि नोवा प्लांट में सैकड़ों कर्मचारी वर्षों से काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी पिछले 5 से 10 साल या उससे अधिक समय से यहां सेवाएं दे रहे हैं। हाल के दिनों में उद्योगों में बढ़ती दुर्घटनाओं के चलते उनकी चिंता और बढ़ गई है। कुछ दिन पहले इसी प्लांट में काम के दौरान एक मजदूर के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद कर्मचारियों ने सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और सुरक्षित व्यवस्था की मांग उठाई थी।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने इस संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि निकाले गए 13 कर्मचारियों को 5 दिनों के भीतर वापस नौकरी पर लिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नोवा प्लांट प्रबंधन कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीरता से लेगा या फिर मजदूरों की आवाज दबाने की कोशिश में आंदोलन और उग्र हो जाएगा। फिलहाल सभी की नजरें प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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