दुर्ग में आर्मीमैन से भिड़े पुलिसकर्मी, ईद पर भगवा झंडा हटाने का विवाद

दुर्ग। जिले के मचांदूर गांव में पुलिसकर्मियों और एक आर्मी जवान के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जवान की मां नेहा निषाद ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर लगा भगवान राम का भगवा झंडा जबरन हटवाने दो पुलिसकर्मी पहुंचे। इस दौरान जवान कौशल निषाद से बदसलूकी की गई और गाली-गलौज करते हुए कॉलर पकड़कर धमकाया गया। मामला मचांदूर चौकी क्षेत्र का है।
नेहा निषाद के मुताबिक उनका बेटा कौशल 20 दिनों की छुट्टी पर घर आया हुआ है। शुक्रवार रात पुलिसकर्मी आए और कहा कि ईद का त्योहार चल रहा है, इसलिए झंडा हटाना होगा। विरोध करने पर जवान से धक्का-मुक्की की गई और थाने ले जाने की धमकी दी गई। नेहा ने सवाल उठाया कि क्या अब अपने घर में धार्मिक प्रतीक लगाने के लिए भी किसी अन्य समुदाय से अनुमति लेनी होगी।
बजरंग दल का समर्थन
घटना के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आए। संयोजक रवि निगम ने आरोप लगाया कि गांव में हिंदू परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां करीब 40-50 मुस्लिम परिवार और केवल दो हिंदू परिवार रहते हैं। बजरंग दल ने आरोप लगाया कि गांव के असलम खान, नवाब खान और महमूद खान ने नेहा निषाद के परिवार के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मी नशे की हालत में इस घटना में शामिल रहे। इसके अलावा गांव में गौ-तस्करी और अवैध निर्माण जैसी गतिविधियां चल रही हैं और कई बाहरी लोग सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बसे हुए हैं। बजरंग दल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।





