रायपुर साहित्य उत्सव में काव्य पाठ और नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन, 42 सत्रों में देशभर के 120 साहित्यकार करेंगे मंथन

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने वाला रायपुर साहित्य उत्सव अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में शुरू हो गया है। यह उत्सव 25 जनवरी तक चलेगा, जिसमें साहित्य, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में किया गया। उत्सव में देश और प्रदेश के करीब 120 लेखक, कवि, विचारक, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी भाग ले रहे हैं।
पहले दिन पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज जोशी ने बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन स्थल पर लगे बुक स्टॉल में बड़ी संख्या में लोग अपनी पसंदीदा किताबें खरीदते नजर आए।
तीन दिनों तक चलने वाले इस साहित्य उत्सव में कुल 42 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक और साहित्यिक विषयों पर चर्चा होगी। लेखिका शिखा वार्ष्णेय, कवि कमलेश कमल, डॉ. गोपाल कमल और डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र सहित कई साहित्यकार अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे।
उत्सव में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक विकास दवे, लेखक अजय के. पांडे, उपन्यासकार इंदिरा दांगी, लेखिका सोनाली मिश्र, जयश्री रॉय, डॉ. कायनात काज़ी और अनिल पांडेय जैसे प्रमुख साहित्यकार भी शामिल हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें रामेश्वर वैष्णव, रामेश्वर शर्मा, मीर अली मीर, शशि सुरेंद्र दुबे सहित कई कवि भाग ले रहे हैं। लोकगीत सत्र में विभिन्न कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
अब तक 10 हजार से अधिक साहित्य प्रेमी इस उत्सव के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। जिन लोगों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे आयोजन स्थल पर भी पंजीकरण कर सकते हैं।
उत्सव के मंडपों का नाम प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर रखा गया है। मुख्य मंडप का नाम स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है। अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर हैं।
24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई प्रसिद्ध कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।
उत्सव के दौरान पत्रकारिता, सिनेमा, टेलीविजन, डिजिटल युग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देश के जाने-माने विशेषज्ञ और वक्ता हिस्सा लेंगे।





