कुएं से निकलते ही गांव में घुसा तेंदुआ: जान बचाने तालाब में कूदे लोग, 20 गांवों में अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कुएं में गिरे तेंदुए को बाहर निकालने के दौरान अफरा-तफरी मच गई। रेस्क्यू के बाद तेंदुआ अचानक रिहायशी इलाके की ओर भाग निकला, जिससे गांव में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए कई ग्रामीण तालाब में कूद गए। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के 20 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
कुएं में गिरा था तेंदुआ
जानकारी के मुताबिक ग्राम जगतरा में पानी की तलाश में पहुंचा तेंदुआ एक खेत के कुएं में गिर गया था। शुक्रवार सुबह किसान राम कुमार ठाकुर खेत में सब्जियों को पानी देने पहुंचे, तभी उन्हें कुएं से आवाज सुनाई दी। झांककर देखने पर तेंदुआ कुएं में दिखाई दिया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में भीड़ जुट गई। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
रेस्क्यू के बाद मची भगदड़
वन विभाग ने जेसीबी और खाट की मदद से तेंदुए को कुएं से बाहर निकाला। जैसे ही तेंदुआ बाहर आया, उसने छलांग लगाकर रिहायशी इलाके की ओर दौड़ लगा दी। यह देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और चीख-पुकार मच गई।
तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। बाद में तेंदुआ धान के खेतों में छिप गया। शाम को उसे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग के पास फिर देखा गया।
बिना ट्रेंकुलाइज किए रेस्क्यू पर उठे सवाल
घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए को बेहोश किए बिना बाहर निकालना जोखिम भरा फैसला था। इससे पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
प्रशासन ने जगतरा समेत आसपास के 20 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी गई है। लोगों से रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और पालतू जानवरों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई है।





