NEET UG 2026: नीट पेपर लीक में कई चेहरों का खुलासा, सीबीआई जांच में सामने आई बड़ी साजिश

NEET UG 2026:नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट में कई लोगों ने अलग-अलग स्तर पर अहम भूमिका निभाई। इनमें बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे, केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे जैसे नाम शामिल हैं।
सीबीआई के मुताबिक, पुणे की रहने वाली मनीषा गुरुनाथ मंधारे एनटीए की एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा थीं। इस वजह से उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच मिली हुई थी। जांच में पता चला कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को अपने घर बुलाकर गुप्त कोचिंग क्लास चलाई और संभावित सवालों की तैयारी करवाई। आरोप है कि इसके बदले लाखों रुपये वसूले गए।
वहीं पीवी कुलकर्णी, जो दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री लेक्चरर रह चुके हैं, उन्होंने भी अपने नेटवर्क के जरिए छात्रों को इकट्ठा कर सीक्रेट क्लासेस चलाईं। इन क्लासेस में छात्रों को परीक्षा में आने वाले सवाल, विकल्प और सही जवाब लिखवाए जाते थे।
सीबीआई जांच में मनीषा वाघमारे की भूमिका भी बेहद अहम बताई गई है। वह ब्यूटी पार्लर की आड़ में मेडिकल छात्रों के लिए काउंसलिंग सेंटर चलाती थीं। इसी नेटवर्क के जरिए छात्रों और अभिभावकों तक पहुंच बनाकर पेपर बेचने का काम किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, धनंजय लोखंडे का नेटवर्क अलग-अलग जिलों और कोचिंग सेंटरों तक लीक पेपर पहुंचाने का काम करता था। शुरुआती जांच में करीब 20 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन और 21 बैंक खातों की पहचान की गई है।
सीबीआई ने आरोपियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच एजेंसी अब उन बिचौलियों और अन्य लोगों की तलाश कर रही है, जो इस पूरे रैकेट से जुड़े हो सकते हैं।





