नेशनल लोक अदालत आज, आपसी समझौते से सुलझेंगे हजारों मामले

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को देशभर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत लगाई जाएगी। वर्ष 2026 की यह दूसरी नेशनल लोक अदालत होगी, जिसमें आपसी सहमति और राजीनामे के जरिए विभिन्न मामलों का निराकरण किया जाएगा।

कई प्रकार के मामलों का होगा निराकरण

लोक अदालत में शमनीय आपराधिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा मामले, चेक बाउंस प्रकरण, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण से जुड़े मामले, ट्रैफिक चालान, संपत्ति कर, जल कर, राजस्व विवाद और आबकारी संबंधी मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा बैंक रिकवरी, बिजली विभाग, दूरसंचार विभाग और नगर निकायों से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों को भी शामिल किया गया है।

न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने और लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से विशेष खंडपीठों का गठन किया गया है। संबंधित पक्षकारों की सहमति से मामलों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।

पारिवारिक और राजस्व विवादों पर रहेगा फोकस

लोक अदालत में खातों के बंटवारे, वारिसों के बीच संपत्ति विवाद, कब्जे के आधार पर बंटवारा, नामांतरण, विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत आने वाले कुछ मामलों को भी चिन्हित कर राजीनामे के आधार पर सुलझाने की तैयारी की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक लोक अदालत के जरिए लंबे समय से लंबित विवादों का शांतिपूर्ण और कम खर्च में निराकरण संभव हो सकेगा। इससे पक्षकारों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर से राहत मिलेगी।

त्वरित और सुलभ न्याय पर जोर

विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं। लोक अदालत में मामलों के निराकरण से समय और धन दोनों की बचत होती है, साथ ही आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।

लोक अदालत में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और न्यायिक अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर समाधान किया जा सके।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button