बस्तर में NIA की बड़ी कार्रवाई, आईईडी विस्फोट केस में 12 ठिकानों पर छापे, नकदी और माओवादी पर्चे बरामद

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई 2023 में अरनपुर में हुए आईईडी विस्फोट और माओवादी हमले से जुड़ी जांच के तहत की गई। एनआईए की इस छापेमारी में नकदी, माओवादी पर्चे, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एजेंसी के अनुसार, यह छापेमारी उन संदिग्धों और आरोपितों के ठिकानों पर की गई जो प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडरों से जुड़े हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपित माओवादियों को आईईडी बनाने के लिए सामग्री और रसद उपलब्ध कराने में सहयोग करते थे।
26 अप्रैल 2023 को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के पेद्का गांव के पास दरभा डिवीजन कमेटी के माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था, जिसमें कई जवान शहीद हुए थे। इस घटना के बाद एनआईए ने मामला अपने हाथ में लिया था। एजेंसी अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर दो आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है।
गिरफ्तार आरोपितों में धनेंद्र राम ध्रुव उर्फ गुरुजी और रामस्वरूप मरकाम जैसे माओवादी सहयोगी शामिल हैं। एनआईए ने बताया कि ये दोनों न केवल आईईडी विस्फोट में मददगार थे, बल्कि माओवादियों के लिए रसद और सूचनाएं जुटाने में भी सक्रिय थे।
एनआईए ने यह भी खुलासा किया कि इन आरोपितों की संलिप्तता 17 नवंबर 2023 को गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में हुए एक अन्य विस्फोट में भी पाई गई है। उस समय मतदान दल और सुरक्षा बल के जवान ड्यूटी से लौट रहे थे, तभी विस्फोट हुआ था। इस हमले में इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 615 एडहॉक बटालियन के एक हेड कांस्टेबल शहीद हुए थे।
एनआईए की ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि एजेंसी माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी व खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





