टैगोर जयंती पर ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, BJP के खिलाफ विपक्षी एकता की अपील

ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के मौके पर बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट होने का आह्वान किया। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि बंगाल में “आतंक का माहौल” बनाया जा रहा है और इसके खिलाफ उनकी नैतिक और राजनीतिक लड़ाई शुरू हो चुकी है।
ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग निडर हैं और अपनी मातृभूमि से सच्चा प्रेम करते हैं, वे अपने आप इस लड़ाई में एकजुट हो जाएंगे। उन्होंने एनजीओ और सामाजिक संगठनों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उन्हें कालीघाट मोड़, मुक्तदल और फायर ब्रिगेड स्टेशन के सामने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यक्रम आयोजित किया। ममता ने इसे “तानाशाही” बताते हुए कहा कि टीएमसी की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि दलित समुदाय की एक 92 वर्षीय महिला और उसके परिवार को भी धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें घर छोड़ना पड़ा।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जब 2011 में उनकी सरकार बनी थी, तब उन्होंने किसी के खिलाफ बदले की राजनीति नहीं की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी बुलेटप्रूफ कार तक भेजी थी। लेकिन अब सत्ता बदलते ही उनकी सुरक्षा और कई सुविधाएं हटा दी गई हैं।
ममता ने कहा कि विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि उनकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं से बातचीत हुई है।
इसके अलावा उन्होंने सांसद महुआ मोइत्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले में भी बीजेपी पर हमला बोला। ममता ने दावा किया कि महुआ मोइत्रा को कोलकाता एयरपोर्ट पर परेशान किया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी।





