स्कूल में लापरवाही का बड़ा मामला: प्राचार्य ने बच्चों को पढ़ाने की बजाय भेज दिया घर, 9 शिक्षकों को नोटिस

बिलासपुर (कोटा ब्लॉक)। छत्तीसगढ़ के खोंगसरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा की हालत बेहद खराब निकली। स्कूल खुला था, लेकिन ना शिक्षक मौजूद थे, ना बच्चे, और जो थोड़े-बहुत बच्चे आए थे, उन्हें भी प्राचार्य ने बिना पढ़ाए स्कूल से भगा दिया।
स्कूल में हो रही इस लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अनिल तिवारी अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। उन्हें देखकर स्कूल प्रशासन की पोल खुल गई।
क्या मिला जांच में?
स्कूल में 200 से ज्यादा छात्रों का नामांकन है, लेकिन उस दिन सिर्फ 10–12 बच्चे ही आए थे।
प्राचार्य ने पढ़ाने की बजाय इन बच्चों को भी घर भेज दिया।
कई शिक्षक बिना आवेदन छुट्टी पर थे, लेकिन उनकी उपस्थिति रजिस्टर में CL (कैजुअल लीव) चढ़ा दी गई थी।
पूछने पर कोई जवाब नहीं दे पाए।
जांच में अनुशासनहीनता और लापरवाही के चलते प्रभारी प्राचार्य श्री लहरें समेत 9 शिक्षक और कर्मचारी निशाने पर आए हैं।
बिना आवेदन छुट्टी पर पाए गए शिक्षक:
व्याख्याता एम. मीणा
सविता गांगुली
व्यायाम शिक्षक डॉ. किरण सरावगी
कर्मचारी डी.के. चतुर्वेदी
और भी गड़बड़ियां सामने आईं
कुछ शिक्षक स्कूल में जरूर मौजूद थे, लेकिन पढ़ाने की बजाय गप्पें मारते मिले।
स्कूल में न टाइम टेबल बना है, न पाठ्यक्रम तय हुआ है।
डायरी भी अपडेट नहीं मिली।
इन सभी बातों को गंभीर मानते हुए DEO ने 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया है। अब इन सभी को जवाब देना होगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
जब एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर है, वहीं कुछ स्कूलों में शिक्षक और प्राचार्य अपने कर्तव्यों से लापरवाही बरत रहे हैं। यह मामला बताता है कि केवल स्कूल खोल देना काफी नहीं, नियमित निगरानी और जवाबदेही भी जरूरी है।





