सड़कों पर आवारा मवेशियों से बढ़ रहे हादसे, हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को लगाई फटकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में सड़कों पर बढ़ते आवारा मवेशियों के कारण हो रहे हादसों पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सरकार से सवाल किया कि योजनाएं तो बनाई जा रही हैं, लेकिन उन्हें लागू कौन कर रहा है? हाईकोर्ट ने कहा कि सड़कों पर अंधेरा रहता है, हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन सिर्फ रिपोर्ट बनाकर खानापूर्ति कर रहा है।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए शपथपत्र में सरकार की योजनाओं और फैसलों का जिक्र किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे अपर्याप्त बताया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि आवारा मवेशियों का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, जिसकी सुनवाई 13 जनवरी को होगी। इसी कारण हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी है। अदालत ने सरकार से अपेक्षा जताई है कि अगली पेशी तक ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।





