कपड़े, कंबल और तिरपाल बेच रहे फेरीवालों का अपहरण

बीजापुर। बस्तर संभाग के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां तीन फेरीवाले, जो गली-बार और गांवों में कपड़े, कंबल और तिरपाल बेचते थे, पिछले डेढ़ महीने से लापता हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः नक्सलियों ने किसी तरह की शंका के आधार पर उन्हें अगवा किया है। हालांकि, पुलिस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इस मामले को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने सरकार से मांग की है कि नक्सलियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा और आरएसएस सत्ता में बने रहे, तो भारत का भविष्य साम्राज्यवादी होगा। डी. राजा ने कहा, “नक्सल मुक्त भारत क्या है? पहले वे कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर चुके हैं। अब वे कम्युनिस्ट मुक्त भारत की बात करेंगे। संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा और आरएसएस को सत्ता से हटाना होगा।”
दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केवल सशस्त्र अभियानों पर निर्भर न रहने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के पीछे की विचारधारा से निपटना जरूरी है। नई दिल्ली में भारत मंथन 2025 के समापन सत्र में उन्होंने ‘नक्सल मुक्त भारत: मोदी के नेतृत्व में लाल आतंक का अंत’ विषय पर बोलते हुए सरकार के लक्ष्य को दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक भारत को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा। बीजापुर के फेरीवालों की यह गुमशुदगी इलाके में सुरक्षा और आम जनता की चिंता बढ़ा रही है। प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं दी है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में निगरानी और जांच जारी है।





