सुशासन तिहार: धमतरी के कुकरेल में 314 में से 250+ आवेदनों का मौके पर समाधान

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के तहत प्रशासन अब सीधे गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है।
इसी कड़ी में कुकरेल (नगरी ब्लॉक) में आयोजित ‘समाधान शिविर’ में प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। यहां कुल 314 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 250 से अधिक का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। यह शिविर आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया।
सीएम के सख्त निर्देश: कागज नहीं, जमीन पर समाधान
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक रूप से होना चाहिए। हर आवेदन को ऑनलाइन दर्ज कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही अधिकारियों को गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
17 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे, कई समस्याएं हल
कुकरेल के साथ दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा सहित 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शिविर में पहुंचे। 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से जुड़े थे, जिनमें 262 मामलों को तुरंत मंजूरी या प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया।
हर विभाग एक छत के नीचे
जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को योजनाओं की जानकारी और लाभ दोनों मौके पर दिए गए।

जनता और सरकार के बीच दूरी कम करने की पहल
इस अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि शासन को आम लोगों के करीब लाना भी है। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ लेना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।
सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक जारी रहेगा, जिससे राज्य के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।





