सरगुजा में गैस संकट गहराया, दोगुनी बुकिंग से सप्लाई प्रभावित और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका

जिले में गैस सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। सप्लाई होने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे आम लोगों के साथ होटल व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने के कारण होटल संचालकों को लकड़ी के चूल्हे और वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गैस एजेंसियों में पहले की तुलना में भीड़ कम हुई है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एजेंसियों ने पुराने लंबित ऑर्डर निपटाने के लिए एक तय तारीख से पहले की बुकिंग पर ही डिलीवरी देने का नियम लागू किया है। इसके चलते बाद में बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

एजेंसी संचालकों के अनुसार, सामान्य दिनों के मुकाबले बुकिंग लगभग दोगुनी हो गई है। जहां पहले प्रतिदिन करीब 600 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या 1200 से अधिक पहुंच गई है। इस बढ़ती मांग के कारण डिलीवरी में 100 दिनों से ज्यादा का समय लगने की आशंका जताई जा रही है। इसे पैनिक बुकिंग का असर माना जा रहा है।

कमर्शियल गैस की कमी का असर होटल व्यवसाय पर साफ दिखाई दे रहा है। कई होटलों में मेन्यू सीमित कर दिया गया है और कुछ आइटम हटाने पड़े हैं। खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हों और डीजल भट्ठों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लागत और परेशानी दोनों बढ़ गई हैं।

इधर, सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग की भी आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं।

हालांकि प्रशासन का दावा है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में अनावश्यक बुकिंग न करें और अवैध भंडारण या दुरुपयोग की जानकारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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