पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त बोले- राहुल के आरोपों की जांच हो, चुनाव आयोग कर रहा अपमान

दिल्ली। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने रविवार को चुनाव आयोग के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आयोग को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों की जांच करवानी चाहिए थी। इसके बजाय आयोग ने उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर अपनी साख को खुद नुकसान पहुंचाया है।

कुरैशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने कई राजनीतिक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिनमें ‘हाइड्रोजन बम’ भी शामिल था, लेकिन यह महज राजनीतिक बयानबाजी थी। इसके बावजूद उनकी शिकायत गंभीर थी और उस पर निष्पक्ष जांच जरूरी थी। उन्होंने बिहार में चल रही मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को भी खतरनाक कदम बताया। कुरैशी के अनुसार यह प्रक्रिया आयोग के लिए “मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने” जैसी है, जिससे विवाद और त्रुटियां बढ़ेंगी।

उन्होंने कहा कि तीन दशक में जो काम धीरे-धीरे हुआ था, उसे कुछ महीनों में बदलने की कोशिश लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। कुरैशी ने मतदाता पहचान पत्र (EPIC) को दस्तावेजों की सूची से बाहर करने को गंभीर चूक बताया और कहा कि इससे लोकतंत्र पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

राहुल गांधी पर की गई कार्रवाई को लेकर कुरैशी ने कहा कि विपक्ष का नेता करोड़ों लोगों की आवाज है। ऐसे में आयोग को उनसे “शपथपत्र दीजिए वरना कार्रवाई होगी” जैसी भाषा नहीं बोलनी चाहिए थी। सामान्य प्रक्रिया शिकायत पर जांच करवाने की होती है, डराने की नहीं।

कुरैशी ने विपक्ष के साथ आयोग के व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 23 दलों ने आरोप लगाया कि उन्हें आयोग से मिलने का समय नहीं मिल रहा। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है और आयोग को निष्पक्ष दिखना भी उतना ही जरूरी है जितना निष्पक्ष होना।

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