शोक पत्र बांटकर लौट रहे युवकों पर हाथियों का हमला, एक घंटे तक पेड़ पर फंसा ग्रामीण, सायरन बजाकर हुआ रेस्क्यू

जशपुर। जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र में हाथियों के अचानक सामने आ जाने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शोक पत्र बांटकर बाइक से घर लौट रहे दो ग्रामीणों के सामने जंगल में हाथियों का दल आ गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए एक ग्रामीण को पेड़ पर चढ़ना पड़ा, जहां वह अंधेरे में करीब एक घंटे तक हाथियों के बीच फंसा रहा। बाद में वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।

घटना पतेबहाल क्षेत्र की है। औरीजोर निवासी बबलू नाग अपने साथी राजकुमार नाग के साथ गांव में शोक पत्र बांटने गए थे। शाम ढलने के बाद दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे, तभी महुआ जंगल के पास चार हाथियों का दल सामने आ गया। हाथियों को देखते ही दोनों युवक घबरा गए और बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई।

इस दौरान राजकुमार किसी तरह गांव की ओर भाग निकला, जबकि बबलू झाड़ियों में छिपते हुए पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। वह करीब एक घंटे तक पेड़ पर ही छिपा रहा। कुछ देर बाद हाथी जंगल की ओर चले गए, लेकिन अंधेरा और डर के कारण वह रास्ता नहीं ढूंढ सका।

उधर राजकुमार ने गांव पहुंचकर घटना की सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग को जानकारी दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सायरन बजाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया। मोबाइल फोन के जरिए संपर्क कर बबलू की लोकेशन पता की गई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बबलू ने बताया कि बाइक गिरने के बाद भी उसका इंजन और हेडलाइट चालू रही, जिससे हाथी पास नहीं आए और जान बचाने का मौका मिला। दल में एक छोटा और तीन बड़े हाथी थे। सुरक्षित लौटने के बाद उसने लोगों से हाथी प्रभावित इलाकों में खास सतर्कता बरतने की अपील की।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों के विचरण क्षेत्र में शाम के बाद आवाजाही से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय हाथी जंगल से निकलकर सड़कों और आबादी की ओर आ जाते हैं। तपकरा रेंज में बीते कई दिनों से 37 हाथियों का बड़ा दल सक्रिय है, जिसको लेकर वन विभाग ने पहले से ही अलर्ट जारी कर रखा है।

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