छत्तीसगढ़ के 25 स्वर्णिम वर्षों पर दुर्गा महाविद्यालय में परिचर्चा

रायपुर। दुर्गा महाविद्यालय एल्युमिनी कमेटी ने राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर छत्तीसगढ़ के 25 स्वर्णिम वर्षों को याद करते हुए परिचर्चा का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस सुशील त्रिवेदी ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को “अमीर प्रदेश के गरीब लोग” कहा जाता था और खेती को गरीबी से जोड़ा जाता था। लेकिन आज धान की बाली से माता लक्ष्मी तक जाने का रास्ता बन चुका है और खेती लाभ का व्यवसाय बन गई है।
वक्ता गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि सीमेंट और लोहा उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह प्रथा को खत्म करने में सरकार की अहम भूमिका रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने संघर्षों के बीच लंबा सफर तय किया है। पहले बस्तर की यात्रा 12 घंटे में पूरी होती थी, जो अब घटकर 6 घंटे रह गई है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में मकान निर्माण में छत्तीसगढ़ की सीमेंट का उपयोग होता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत शाल, श्रीफल और पुष्पहार से किया गया। अंत में छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत पर शानदार नाट्य प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडे, एल्युमिनी समिति अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, राजकुमार राठी सहित अनेक भूतपूर्व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





