रायपुर में नवंबर से पहले लागू हो सकती है कमिश्नर प्रणाली, आईजी होंगे पहले पुलिस कमिश्नर

रायपुर। राजधानी रायपुर में नवंबर से पहले कमिश्नर प्रणाली लागू होने की पूरी संभावना है। इसके लिए एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो अधिकार क्षेत्र, पदों की संख्या, बल की आवश्यकता और कोर्ट व्यवस्था पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इस प्रस्ताव के आधार पर सरकार अंतिम फैसला लेगी।
प्रस्ताव के अनुसार रायपुर जिले के सभी 32 थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन होंगे और ग्रामीण एसपी की तैनाती नहीं होगी। कमिश्नर पद के लिए आईजी रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा, जिनके नीचे दो डीआईजी रहेंगे। इनमें एक क्राइम और साइबर संभालेंगे, जबकि दूसरे प्रशासन और कानून-व्यवस्था देखेंगे। इसके अलावा 4 डीसीपी, 10-12 एसीपी और एडिशनल डीएसपी भी तैनात किए जाएंगे।
कमिश्नर पद के लिए आईजी बद्री नारायण मीणा, डॉ. संजीव शुक्ला और अमरेश मिश्रा का नाम चर्चा में है। यदि अमरेश मिश्रा को जिम्मेदारी दी जाती है तो उन्हें ईओडब्ल्यू के साथ रायपुर कमिश्नर का कार्यभार सौंपा जा सकता है।
हालांकि राजधानी में पुलिस बल की भारी कमी है। 25 साल पहले 8 लाख आबादी पर 3825 जवान तैनात थे, जबकि अब 25 लाख आबादी पर केवल 2980 जवान हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक रायपुर में कम से कम 7000 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। फिलहाल 750 से ज्यादा सिपाही और ट्रैफिक में 525 पद खाली हैं।
कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस के अपने कोर्ट भी होंगे, जिससे स्टाफ की जरूरत और बढ़ जाएगी। ऐसे में सरकार को तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी ताकि राजधानी की कानून-व्यवस्था मजबूत की जा सके और नई प्रणाली प्रभावी ढंग से काम कर सके।





