तखतपुर दौरे में कलेक्टर सख्त, सरकारी भवन की अनदेखी पर सीईओ को फटकार

बिलासपुर कलेक्टर ने तखतपुर दौरे के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में तखतपुर ब्लाक के नवनिर्वाचित सरपंचों से मिलकर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही, कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों के लोगों को 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिलासपुर दौरे में शामिल होने का न्यौता भी दिया।
बैठक में कलेक्टर ने जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ सत्य व्रत तिवारी को फटकार लगाई। वजह थी कि उन्होंने सरकारी भवन के बजाय प्राइवेट भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया। जब कलेक्टर ने पूछा कि क्या तखतपुर में सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है, तो सीईओ ने बताया कि सरकारी भवन जर्जर स्थिति में है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि यदि भवन जर्जर है तो जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उसकी मरम्मत के लिए बजट की व्यवस्था की जा सके।
घूस के आरोपों पर भी दिए जांच के निर्देश
यह दौरा इसलिए भी खास था क्योंकि जनपद सीईओ सत्य व्रत तिवारी पर पहले से ही घूस लेने का आरोप लग चुका है। जब मीडिया ने इस मुद्दे पर सवाल किए, तो कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में पुलिस कप्तान रजनेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने साफ किया कि सभी सरकारी कार्यक्रम सरकारी भवनों में ही होने चाहिए और यदि भवनों में कोई समस्या है तो उसे समय पर बताया जाए, ताकि मरम्मत की जा सके।
कलेक्टर के इस दौरे के बाद तखतपुर में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है और सभी विभागों को अपने काम में सुधार करने की हिदायत दी गई है।





